अपनी आँखों के सभी अश्क़ बहा कर सोना
तुम मेरी याद का हर दीप बुझा कर सोना
डर लगता है नींद ही कहीं छीन ना ले
तेरा हर रोज़ मेरे खवाबों में आ कर सोना
तुम मेरी याद का हर दीप बुझा कर सोना
डर लगता है नींद ही कहीं छीन ना ले
तेरा हर रोज़ मेरे खवाबों में आ कर सोना